Hello दोस्तों, आप Bharosa Todne Wali Shayari पढ़ने के शौकीन हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। यहाँ हमने आपके लिए टूटे भरोसे, दर्द और बिखरे जज़्बातों को बयां करने वाली भरोसा तोड़ने वाली शायरी का शानदार कलेक्शन तैयार किया है, जिसे पढ़कर आप अपने दिल की बात आसानी से व्यक्त कर सकते हैं।
दोस्तों, जब कोई अपना ही भरोसा तोड़ देता है, तो सिर्फ दिल ही नहीं बल्कि रिश्तों की नींव भी हिल जाती है। उस दर्द को शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता, लेकिन Bharosa Todne Wali Shayari इस एहसास को बहुत गहराई से पेश करती है। अगर आप भी अपने टूटे भरोसे और दिल के दर्द को शायरी के जरिए व्यक्त करना चाहते हैं, तो एक बार हमारी इस पोस्ट को जरूर देखें, यहाँ आपको एक से बढ़कर एक दर्द भरी Bharosa Todne Wali Shayari मिलने वाली है, जो आपके जज़्बातों को बखूबी बयां करेगी।
Contents
भरोसा तोड़ने वाली शायरी

भरोसा न कीजिए कभी मौसम और इश्क का,
गरजते हैं कहीं और तो बरसते कहीं और हैं।
भरोसा काँच की बोतल की तरह होता है,
जो एक बार टूट जाए तो फिर से जुड़ नहीं सकता।
समुंदर की लहरों पर भरोसा कर बैठे,
कल वो डुबा कर हमें किनारा कर बैठे।

कुछ ठोकरों के बाद नज़ाकत आ गई मुझमें,
अब मैं दिल के मशवरे पर भरोसा नहीं करता।
भरोसा टूटा है, वहम की दवाई मत दो,
कहीं और जाकर शरीफ बनो मुझे सफाई मत दो।
भरोसा जितना कीमती होता है,
धोखा उतना ही महँगा हो जाता है।

भरोसा दिला कर वो भरोसा तोड़ गई,
वो तो गई साथ में भरोसा भी ले गई।
लाखो की हंसी तेरे नाम कर दूंगी बस भरोसा मत तोड़ना,
मै अपनी हर खुशी तुम पर कुर्बान कर दूंगी।
अब ज़रा सा भी किसी पर भरोसा नही होता हैं,
और जब भी होता हैं दर्द बड़ा ही बेहद होता हैं।
दिल तो था ही नहीं मेरे पास यारा,
जो उसने तोड़ा वो भरोसा था।
Bharosa Todne Wali Shayari

हर कोई कातिल है इस शहर में,
कुछ भरोसे का कुछ उम्मीदों का।
खुद पर भरोसा करने का हुनर सीख लो,
सहारे कितने भी भरोसेमंद हो,
एक दिन साथ छोड़ ही जाते हैं।
उन्हे अपनी जिंदगी तो बना लिया हमने,
लेकिन ये भूल गए की जिंदगी का कोई भरोसा नहीं होता।

मत किया कर किसी पर भी भरोषा ऐ दिल,
लोग खंज़र लिए फिरते इन फूल से हाथो में।
भरोसा तब नहीं टूटता जब कोई रूठ जाता है,
भरोसा तब टूटता है जब कोई दिल तोड़ जाता है।
चांद को सुनाता हूं अक्सर हाल-ए-दिल अपना,
मैं इन जमीं वालों पर अब भरोसा नहीं करता।

भरोसा क्या करना गैरो पर,
जब खुद गिरना है चलना है, अपने ही पैरो पर।
किस्मत खराब नहीं थी
भरोसा गलत लोगो पर था।
सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनो पर भी शक करना,
मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था।
मौत से पहले भी एक मौत होती है,
जरा अपने यार से बिछड़कर तो देखो।
भरोसा न करने वाली शायरी

क्यो भरोसा करू किसी और पर,
जब खुद की आखे खुद को धोखा दे।
बेशक किसी को माफ बार-बार करो,
लेकिन भरोसा सिर्फ एक बार करो।
मैं अब खु़दा को सुनाता हूँ अपना हाल-ए-दिल,
मैं अब ज़मीन वालो पे भरोसा नही करता।

कोई भरोसे के लिए रोता है,
कोई भरोसा करके रोता है।
उसी से पूछ लो उसके इश्क की कीमत,
हम तो बस भरोसे पे बिक गए।
गलत इंसान पर भरोसा करने के बाद ही,
सही इंसान को पहचानने की समझ आती है।

रिश्ते दिल टूटने पर नहीं
भारोसा टूटने पर बिखरते है।
मतलब भरी इस दुनिया में कौन किसका होता है,
अक्शर धोखा वही लोग देते है, जिन पर हम भरोसा करते है।
नसीब से ज्यादा भरोसा तुम पर किया,
फिर भी नसीब इतना नहीं बदला जितना तुम बदल गयी।
उस इंसान से कभी झूठ मत बोलना,
जिसको आपके झूठ पर भी भरोसा है।
भरोसा तोड़ने वाली शायरी 2 Line

भरोसा कोई एक तोड़ता है,
नफरत सबसे होने लगती है।
सब पर भरोसा है, पर कुछ नहीं हासिल है,
जिस तरफ पीठ करो वहीं खड़ा कातिल है।
किसी को माफ़ करके अच्छे इंसान बन जाओ,
मगर दोबारा भरोसा करके बेवक़ूफ़ मत बनो।
जो लम्हा साथ है उसे जी भर के जी लो,
ये ज़िन्दगी भरोसे के क़ाबिल नहीं है।
इस मतलबी दुनिया में किसी पर भरोसा मत करना,
इश्क और धोखे में अपना जीवन बेकार मत करना।
जब अपना दिल ख़ुद ले डूबे औरों पे सहारा कौन करे,
कश्ती पे भरोसा जब न रहा तिनकों पे भरोसा कौन करे।
इश्क़ और तबियत का कोई भरोसा नहीं यारों,
मिजाज़ से दोनों ही दगाबाज़ है।
आजकल न जाने कब बदल जाए इंसान भरोसा नहीं,
कहते हैं जो भरोसा करो हम पर
अक्सर भरोसा तोड़ते हैं वहीं।
दिल को तेरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है,
और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता।
उसकी हँसी पर क्या भरोसा करना,
जो शख़्स खुलकर कभी रोया न हो।
Bharosa Todne Wali Shayari On Life
भरोसा लफ्जो का छोटा सा है,
मगर यकीन दिलाने मे पूरी जिंदगी निकल जाती है।
जिंदगी एक खेल है चलती रहेगी पर,
कभी किसी का भरोसा मत करना।
एक बार फ़िर शक भरोसे से सबूत मांग रहा है,
हँस रही है क़िस्मत फ़िर एक रिश्ता दफ़न हो रहा है।
एक में ही था जो तुम पर भरोसा कर बैठा,
वरना बताने वालो ने सब कुछ ठीक ही बताया था।
टूटी हुई चीज हमेशा तकलीफ देती हैं,
जैसे के दिल भरोसा और सब से ज्यादा उम्मीद।
भरोसा कर के तुमपे जो मैने तुम्हारा हाथ थाम लिया
भरोसा भी न रहा मेरे भरोसे पे के
तुमने मेरा साथ छोड़ दिया।
तुम्हारे हर सवाल का जवाब हु मै इश्क़ वालों,
किसी का टुटा हुआ खुवाब हु मै।
अब होता ही नही मुझे भरोसा किसी पर,
मुझे धोखा देने वाले तेरा सो बार शुक्रिया।
भरोसा एक ऐसी चीज है,
जिसके टूटने पर कोई आवाज तो नहीं आती,
लेकिन उसकी गूंज जीवन भर सुनाई देती है।
जब जब भरोसा किया है,
मेने तब तब भरोसा टूटा है मेरा,
अब तो किसी पर भरोसा करने का,
मन ही नही करता है मेरा।
भरोसा टूटना शायरी फोटो
बस भरोसा मत टूटने देना ए दोस्त,
बाकी हर बात हम हँसकर सह लेंगे।
भरोसे के बाज़ार में जिंदगी बेची थी मैंने,
तब जा के कहीं पाया हैं ये लेहजा मैंने।
प्यार और भरोसा दो ऐसे पंछी हैं,
अगर इनमें से एक उड़ जाए तो,
दूसरा अपने आप उड़ जाता है।
भरोसा दूसरों पर रखो तो गम दे जाता हैं,
भरोसा ख़ुद पर रखो तो ताकत बन जाता हैं।
वहम था मेरा जो तुम पर भरोसा किया,
लोगों ने तो सिर्फ दिल तोड़ा था,
तुमने तो मेरा रूह निचोड़ दिया।
जिंदगी की सबसे अनमोल चीज भरोसा,
जितनी आसानी से होता नहीं,
उतनी आसानी से टूट जरूर जाता है।
नसीब वालों को मिलता है ऐसा हमसफ़र,
जो दूर रहकर भी भरोसा ना तोड़े।
दिल की धड़कन और मेरी सदा हो तुम,
मेरे भरोसे की आखरी वफा हो तुम।
हर किसी को अपना मत मानिए,
क्योंकि यहां लोग भरोसा और दिल जबरदस्त तोड़ते हैं।
सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनो पर भी शक करना,
मेरी फितरत मे तो गैरों पर भी भरोसा करना था।
उम्मीद और भरोसा शायरी
तुमने कुछ इतना अकेला कर दिया है मुझे,
के मै अपने आप से भी खफा रहने लगा हूँ।
दुख इसका नही कि तुम्हारा साथ छूट गया है,
अफसोस इस बात का है, कि हमारा भरोसा टूट गया है।
हर कोई कातिल है इस शहर में,
कुछ भरोसे का कुछ उम्मीदों का।
भरोसा तोड़ा तुमने इसीलिए ये दिल रोया है,
ज्यादा कुच नहि तुमने बस एक अच्छा इंसान खोया है।
न्यू बोली किस्मत में ना था अपना मिलना,
मैने कहा भरोसा तेरे पर था किस्मत पर नहीं।
भरोसा उसी पर करना जो निभाने के लायक हो,
कुछ पल का साथ तो जनाजा उठाने वाले भी देते हैं।
बात भरोसे की ना कर ऐ दिल तू किसी गैर से,
मौसम से ज्यादा इन्ही लोगों को बदलते देखा है मैंने।
गिर पड़े उस पत्थर से टकरा कर ज़मीं पर हम,
भरोसे की नीव कह जिसे कभी अपनों ने रखा था।
भरोसा सब पर करो पर सावधानी से,
क्योंकि कभी कभी खुद के दांत भी जीभ काट लेते हैं।
यूं तो हर गुनाह का कफ़ारा नहीं होता,
उठ जाए जो एक दफा भरोसा दुबारा नहीं होता।
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