Hello दोस्तों, आप Nafrat Shayari in Hindi पढ़ने के शौकीन हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। यहाँ हमने आपके लिए नफरत और टूटे हुए जज़्बातों को बयां करने वाली Nafrat Shayari का शानदार कलेक्शन तैयार किया है, जिसे पढ़कर आप अपने दिल की बात आसानी से व्यक्त कर सकते हैं।
दोस्तों, जब दिल को गहरा दर्द मिलता है तो कभी-कभी वही प्यार नफरत में बदल जाता है। उस एहसास को शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता, लेकिन Nafrat Shayari इस दर्द और गुस्से को बहुत खूबसूरती से पेश करती है। अगर आप भी अपने दिल की नफरत और टूटे भरोसे को शायरी के जरिए व्यक्त करना चाहते हैं, तो एक बार हमारी इस पोस्ट को जरूर देखें, यहाँ आपको एक से बढ़कर एक कड़वी लेकिन सच्ची Nafrat Shayari मिलने वाली है, जो आपके जज़्बातों को बखूबी बयां करेगी।
Contents
Nafrat Shayari in Hindi

जिस दिल में कभी मोहब्बत पलती थी,
आज वहीं दिल तुमसे नफ़रत करता है।
नफ़रत करनी है तो इस अंदाज़ से कर कि,
सारा शहर कहे इससे कोई मोहब्बत करता था।
नफ़रत की वजह तुम हो,
वरना मैं तो हर किसी से मोहब्बत करता था।

तू ज़िंदगी थी अब नफ़रत बन गई,
तुझसे प्यार करके ये सज़ा मिल गई।
नफ़रत भी वही लोग करते हैं,
जिनसे कभी बेइंतहा मोहब्बत की जाती है।
मोहब्बत टूट जाए तो इंसान टूटता है,
और नफ़रत शुरू होती है।

जितना तुझे चाहा था,
आज उतनी ही नफ़रत है तुझसे।
जिसको मैंने हर खुशी दी,
उसी ने मुझे हर दर्द दिया।
मेरे जख्मों को देखकर भी जो हंसे,
अब उन्हीं से नफ़रत है।
तुम से रिश्ता अब कुछ ऐसा है,
ना नफ़रत है, ना इश्क़ पहले जैसा है।
नफरत शायरी हिंदी में

बहुत सोच-समझकर नफ़रत करते हैं हम,
क्योंकि जिसको छोड़ा है कभी दिल से चाहा था।
मेरा हाल देखकर वो भी हैरान है,
जिसे कभी मैंने खुदा माना था,
आज उसी से नफ़रत हो गई।
मत पूछा कर हालत हमारी
अब नफ़रतों का घर बसा लिया है दिल में।

तुझसे मोहब्बत भी गलती थी,
और नफ़रत भी सज़ा।
जिस इंसान को सब कुछ समझा,
उसी ने हमें गैर बना दिया।
तेरा झूठा प्यार ही,
मेरी नफ़रत की वजह बना।

धोखा देकर भी वो मुस्कुरा रहे थे,
क्या यही तरीका है नफ़रत जताने का?
नफ़रत करूं तुझसे? नहीं,
अब तू लायक भी नहीं।
तेरे जाने से जो खालीपन है,
वो अब नफ़रत से भरा है।
मत कर मोहब्बत मुझसे,
मैं अब नफ़रत में जीता हूँ।
Nafrat Shayari 2 Line

तुमने जो किया वो नफ़रत के काबिल है,
फिर भी दिल अब भी रोता है।
जब नफ़रत होती है,
तो फिर प्यार मरा हुआ लगता है।
नफ़रत जताना अब मजबूरी हो गई है,
मोहब्बत तो तेरे साथ ही दफन हो गई।

अब तेरी बातों में वो मोहब्बत नहीं,
इसलिए अब तुझसे नफ़रत है।
जो प्यार करता है,
वो कभी नफ़रत नहीं चाहता।
एक ही अर्ज है बनावटी प्यार न कर मुझसे,
इससे अच्छा तो नफरत कर मगर दिल से कर।

कुछ दगाबाज़ी हम भी तेरे ऐतबार से करेंगे,
तुझसे नफ़रत भी जालिम ज़रा प्यार से करेंगे।
जो लोग दिल तोड़ते हैं,
वही नफ़रत के असली हकदार होते हैं।
नफ़रत गहरी हो तो,
मोहब्बत की बातें मज़ाक लगती हैं।
तुझसे जितनी मोहब्बत थी,
अब उतनी ही नफ़रत है।
जिंदगी से नफरत शायरी

तुम नफरत का धरना कयामत तक जारी रखो,
मैं प्यार का इस्तीफा जिंदगी भर नहीं दूंगा।
जो हमारी नफरत के भी लायक नहीं थे,
हम उन्ही से बेशुमार प्यार कर बैठे।
तेरे जाने के बाद सुकून मिला,
अब तुझसे नफ़रत करना सुकून देता है।
वो नफ़रत की भी हकदार नहीं
जिस पर कभी जान लुटाई थी।
नफरत करने वाले भी गज़ब का प्यार करते हैं,
जब भी मिलते है कहते हैं कि तुझे छोड़ेंगे नहीं।
ना ही अब तुमसे रिश्ता चाहिए,
और ना ही नफ़रत जताने का मौका।
तू अब यादों में भी नहीं,
बस नफ़रत में ही बसता है।
नफ़रत भी सिखा दी तूने
मोहब्बत के बाद।
इश्क़ करे या नफरत इजाज़त है उन्हें,
हमे इश्क़ से अपने कोई शिकायत नही।
दिल टूटा है इसलिए नफ़रत है,
वरना आज भी तुझे खुदा मानता।
Attitude Nafrat Shayari
मेरी मोहब्बत को तुमने मज़ाक समझा,
अब मेरी नफ़रत का सामना करो।
धोखा मिला प्यार में,
अब भरोसा नहीं किसी पर।
अब यादें नहीं आती,
सिर्फ नफ़रत होती है।
हमें बरबाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बरबाद हो जाओगे।
तुमने जो किया,
वो नफ़रत के काबिल था।
तेरे जैसे लोगों के लिए तो,
नफ़रत भी छोटा शब्द है।
अब नफ़रत ही रह गई है,
मोहब्बत को दफ़ना दिया।
तुझसे रिश्ता रखना अब नफ़रत जैसा है,
लेकिन फिर भी दिल मानता नहीं।
तेरा हर झूठ अब
मेरी नफ़रत को बढ़ाता है।
मोहब्बत जब ज़हर बन जाए,
तो नफ़रत ही राहत बनती है।
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